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श्री राम जन्म भूमि पर बलिदान देने वाले बाबा श्री राम चरण दास जी

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■■श्री राम जन्म भूमि का बलिदान देने वाले बाबा श्री राम चरण दास जी■■ बाबा श्री रामचरणदास जी आपने वाजिद अलीशाह के समय दो बार जन्मभूमि के उद्धारार्थ आक्रमण किया । दोनों में आप विजयी हुए । सन् 1858 में भारतीय विप्लव के असफल हो जाने पर कई हजार अंग्रेजों का वध कर डालने एवं फैजाबाद की छावनी उडा देने के अभियोग में कुवेर टीले पर एक इमली के पेड़ में अंग्रेजों ने आपको फांसी पर लटका दिया । English-tansalet--: Baba Shri Ramcharandas ji, you attacked twice for the salvation of the birthplace during the time of Wajid Alishah.  You won in both.  In 1858, the British hanged you in a tamarind tree on the Kuver mound in the case of killing several thousand British and blowing up the cantonment of Faizabad after the Indian rebellion failed.

Shayri

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घर से बाहर कोलेज जाने के लिए वो नकाब मे निकली….          सारी गली उनके पीछे निकली… इनकार करते थे वो हमारी मोहबत से……….          और हमारी ही तसवीर उनकी किताब से निकली………

श्री रामजन्म भूमि का रक्तरंजित इतिहास

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■■ मुसलमानों द्वारा श्री राम जन्मभूमि बचाव का प्रयत्न  ■■ मुसलमानों द्वारा श्रीरामजन्मभूमि उद्धार का प्रयत्न सन् 1857 के विप्लव में जब बहादुरशाह को सम्राट घोषित कर विद्रोह का नारा बुलन्द किया गया तो अयोध्या हिन्दू राजा देवी बख्श सिंह गोण्डा के नरेश तथा बागी चरणदास की अध्यक्षता में संगठित हो गये । उस समय मुसलमानों के नेता अमीर अली ने अयोध्या और फैजाबाद समस्त मुसलमानों को इकट्ठा करके कहा कि विरादाराने वेगमों के जेवरातों को बचाने में हमारे हिन्दू भाइयों ने अंग्रेजों से लड़कर बहादुरी दिखाई है उसे हम भूल नहीं सकते सम्राट बहादुरशाह जफर को अपना बादशाह मानकर हमारे भाई अपना खून बहा रहे हैं । इसलिए फर्ज इलाही हमें मजबूर करता है कि हिन्दुओ के खुदा श्रीरामचन्द्र जी की पैदायिसी जगह पर जो बाबरी मस्जिद बनी है वह हम इन्हें बखुशी सुपुर्द कर दें क्यों कि हिन्दू मुस्लिम नाइत्तफाकी की सबसे बड़ी जड़ यही है । ऐसा करके हम इनके दिल पर फतह पा जायेंगे । कहना नहीं होगा कि अमीर अली के इस प्रस्ताव का सारे मुसलमानों ने एक स्वर से समर्थन किया किन्तु अंग्रेज को यह बात मंजूर नहीं थी । वे चाहते थे कि मस...